कोयले की कमी और भारी बारिश के बीच बिजली व्यवस्था बनाए रखने के प्रयास; जिला मुख्यालयों पर 24 घंटे आपूर्ति का दावा
लखनऊ, 13 सितंबर। उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि एक मई से गिने गए 135 दिनों में प्रदेश ने 74 दिन देश में सर्वाधिक विद्युत मांग की आपूर्ति की, जबकि 37 दिन दूसरे स्थान पर रहा। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में उत्तर प्रदेश कुल 111 दिन शीर्ष दो राज्यों में रहा।
22 दिनों तक कटौती मुक्त बिजली आपूर्ति का दावा
सरकार के अनुसार, 24 मई से अब तक कुल 22 दिनों में सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को कटौती मुक्त विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए उपभोक्ताओं को अधिकतम राहत देने के प्रयास जारी होने की बात कही गई है।
सरकार के विवरण के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में भारी बारिश और जलभराव से कोयला खदानों में उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हुई है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और गुजरात समेत कई राज्यों में तापीय विद्युत उत्पादन प्रभावित होने की बात भी कही गई है।
कोयले की कमी और गीले कोयले से उत्पादन प्रभावित
यूपीपीसीएल के हवाले से दी गई जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में भी कोयले की कमी और गीले कोयले के कारण तापीय विद्युत उत्पादन प्रभावित हुआ है। इसके अलावा विभिन्न विद्युत इकाइयों में तकनीकी एवं अन्य कारणों से ट्रिपिंग के चलते बिजली की उपलब्धता में कमी आई है।
प्रदेश सरकार का कहना है कि इन चुनौतियों के बावजूद विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
दिन में सामान्य आपूर्ति, पीक आवर में सीमित रोस्टरिंग
सरकार के अनुसार, प्रदेश में दिन के समय विद्युत आपूर्ति सामान्य बनी हुई है। हालांकि, पीक समय में बिजली की उपलब्धता कम होने और पावर एक्सचेंज में महज 2–3 प्रतिशत तक सीमित क्लीयरेंस के कारण ग्रामीण क्षेत्रों, बुंदेलखंड, तहसील एवं नगर पंचायत क्षेत्रों में रात्रिकालीन सीमित रोस्टरिंग की जा रही है।
वहीं, जिला मुख्यालयों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने का दावा किया गया है।
कोयले की उपलब्धता बढ़ाने के लिए एजेंसियों से समन्वय
प्रदेश सरकार के मुताबिक, निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के लिए कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) समेत संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। कोयले और ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाने के साथ उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल कर बिजली व्यवस्था को स्थिर बनाए रखने पर जोर है।
सरकार का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में प्राथमिकता उपभोक्ताओं को अधिकतम राहत देने और प्रदेश में बिजली व्यवस्था सुचारु बनाए रखने की है।
संपादकीय नोट: यह खबर प्राप्त विवरण में सरकार और यूपीपीसीएल के हवाले से दिए गए दावों पर आधारित है। उल्लिखित आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है। बैनर एआई से बनाया गया प्रतीकात्मक चित्र है।

