वाणिज्य विभाग के निवेश जागरूकता कार्यक्रम में छात्रों ने समझी SIP, म्यूचुअल फंड और डीमैट अकाउंट की बारीकियां
मुजफ्फरनगर। आज के दौर में कमाई के साथ-साथ सही जगह निवेश करना भी बेहद जरूरी है, लेकिन निवेश में जल्दबाजी या बिना जांच-पड़ताल के लिया गया फैसला आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। इसी उद्देश्य से श्रीराम कॉलेज, मुजफ्फरनगर में छात्र-छात्राओं को निवेश की समझ देने और उन्हें साइबर धोखाधड़ी से बचाने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कॉलेज के वाणिज्य विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम का विषय “वित्तीय साक्षरता द्वारा निवेशकों का सशक्तिकरण” रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और शिक्षकों को सुरक्षित निवेश के विभिन्न माध्यमों के साथ-साथ निवेश से पहले बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी गई।

निवेश से पहले कंपनी की जांच क्यों जरूरी?
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता नई दिल्ली से आए पूनम चंद ने विद्यार्थियों को निवेश से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने खास तौर पर बढ़ते साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी को लेकर विद्यार्थियों को सतर्क किया।
उन्होंने बताया कि अपनी मेहनत की कमाई को किसी भी निवेश माध्यम में लगाने से पहले उसके बारे में पूरी जानकारी जुटाना जरूरी है। किसी कंपनी या निवेश माध्यम की विश्वसनीयता जांचे बिना केवल किसी के कहने या आकर्षक रिटर्न के लालच में पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी कंपनी में निवेश करने से पहले NSE और BSE की आधिकारिक वेबसाइटों के माध्यम से कंपनी से संबंधित जरूरी जानकारी प्राप्त की जाए और यह भी जांच लिया जाए कि संबंधित कंपनी सूचीबद्ध है या नहीं।
SIP से लेकर म्यूचुअल फंड तक समझाया
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को केवल शेयर बाजार तक सीमित जानकारी नहीं दी गई, बल्कि निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण विकल्पों के बारे में भी समझाया गया।
छात्रों को National Stock Exchange (NSE), Bombay Stock Exchange (BSE) और Securities and Exchange Board of India (SEBI) सहित विभिन्न वित्तीय संस्थाओं और निवेश माध्यमों की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
इसके अलावा डीमैट अकाउंट, SIP और म्यूचुअल फंड जैसे निवेश विकल्पों को भी सरल तरीके से समझाया गया, ताकि विद्यार्थी भविष्य में अपनी आर्थिक योजना को बेहतर ढंग से समझ सकें।
साइबर ठगी से बचने के लिए भी किया जागरूक
कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा साइबर धोखाधड़ी से बचाव रहा। विद्यार्थियों को समझाया गया कि ऑनलाइन निवेश से जुड़े किसी भी ऑफर पर तुरंत भरोसा करने के बजाय उसकी प्रमाणिकता जांचना जरूरी है।
विषय विशेषज्ञ ने विद्यार्थियों को निवेश से पहले जानकारी जुटाने, संबंधित संस्थान की विश्वसनीयता जांचने और अपनी मेहनत की कमाई के संबंध में सावधानीपूर्वक निर्णय लेने की सलाह दी।
सवाल-जवाब में छात्रों ने पूछे निवेश से जुड़े सवाल
कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं ने निवेश और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े सवाल पूछे और विषय विशेषज्ञ से उनके जवाब प्राप्त किए।
कार्यक्रम की शुरुआत कॉलेज की प्राचार्या डॉ. प्रेरणा मित्तल, उप-प्राचार्य डॉ. सौरभ मित्तल, डीन आईक्यूएसी डॉ. विनीत शर्मा, वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ. अशफाक अली और मुख्य वक्ता पूनम चंद द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई।
मुख्य वक्ता का स्वागत बुके भेंट कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन सागर चौहान और शीरीन ने संयुक्त रूप से किया।
स्मृति चिह्न और पौधा भेंट कर किया सम्मान
कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्या डॉ. प्रेरणा मित्तल और डीन आईक्यूएसी डॉ. विनीत शर्मा ने मुख्य वक्ता को स्मृति चिह्न भेंट किया। वहीं विभागाध्यक्ष डॉ. अशफाक अली और उप-प्राचार्य डॉ. सौरभ मित्तल ने पौधा भेंट कर उनका सम्मान किया।
प्राचार्या डॉ. प्रेरणा मित्तल ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ वित्तीय जागरूकता और व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने वाले ऐसे कार्यक्रम भविष्य में भी आयोजित किए जाने चाहिए।
इस अवसर पर कार्यक्रम समन्वयक सागर चौहान और शीरीन सहित वाणिज्य विभाग के शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में मुकेश कुमार, डॉ. अनिरुद्ध कुमार, डॉ. एम.एस. खान, अनुज वर्मा, अनिका, रीतू, पूजा सिंगल और प्राची सहित अन्य का योगदान रहा।

