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रोहन राठी हत्याकांड: दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस के खुलासे पर परिवार ने उठाए सवाल

· 4 min read

रोहन राठी की उपलब्ध कराई गई तस्वीर के साथ हत्याकांड में दो गिरफ्तारी और परिवार के सवालों पर समाचार बैनर

मुजफ्फरनगर, 26 सितंबर 2026। पुरकाजी थाना क्षेत्र के हरेटी गांव में ग्राम प्रधान विवेक राठी के बेटे रोहन राठी की हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले के खुलासे का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक नाजिम और शावेज को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया। हालांकि, पुलिस के खुलासे के बाद रोहन के परिवार ने कई सवाल उठाते हुए निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की मांग की है।

जन्मदिन की पार्टी में गया था रोहन, फिर नहीं लौटा

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रोहन राठी 23 सितंबर की रात अपने एक दोस्त की जन्मदिन की पार्टी में गया था। देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की।

अगले दिन, 24 सितंबर को हरेटी गांव के खेत के पास रोहन का शव मिला। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में शरीर पर चोट के निशान मिलने और पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने हत्या के मामले के रूप में जांच आगे बढ़ाई।

तीन टीमें गठित कर शुरू हुई जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए तीन टीमें गठित की गईं। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान नाजिम और शावेज के नाम सामने आए।

मुठभेड़ के बाद नाजिम और शावेज गिरफ्तार: पुलिस

25 सितंबर को पुलिस ने दोनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में दोनों घायल हुए, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

पुलिस ने आरोपियों की पहचान नाजिम पुत्र मुजफ्फर हुसैन, निवासी संगीपुर, लक्सर, हरिद्वार और शावेज पुत्र इफजुर रहमान, निवासी जहीरपुर, देवबंद, सहारनपुर के रूप में बताई है। उपलब्ध रिपोर्टों में नाजिम को मस्जिद का इमाम और शावेज को छात्र बताया गया है।

टक्कर लगने के बाद हत्या किए जाने का पुलिस का दावा

पुलिस का दावा है कि पूछताछ में नाजिम ने बताया कि 23/24 सितंबर की रात वह कार से जहीरपुर की ओर जा रहा था। हरेटी-जहीरपुर मार्ग पर उसे रोहन सड़क के पास मोटरसाइकिल के साथ दिखाई दिया।

पुलिस के अनुसार, कार की टक्कर लगने से रोहन सड़क पर गिर गया। इसके बाद नाजिम अपने साले शावेज के साथ दोबारा मौके पर पहुंचा। पुलिस का कहना है कि शावेज ने रोहन की पहचान ग्राम प्रधान के बेटे के रूप में की और अपनी पहचान उजागर होने की आशंका में दोनों ने उसकी हत्या कर दी।

यह घटनाक्रम पुलिस द्वारा बताए गए पूछताछ के कथित बयान पर आधारित है। इसे अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं माना जा सकता; आरोपों की पुष्टि आगे की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

पुलिस ने किन बरामदगियों की जानकारी दी?

पुलिस के मुताबिक, मामले से संबंधित आर-15 मोटरसाइकिल, एप्पल मोबाइल फोन और स्मार्टवॉच बरामद की गई हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बताई गई कार और अन्य सामान बरामद करने की भी जानकारी दी है। मुठभेड़ के संबंध में हथियार और कारतूस बरामद होने का दावा भी किया गया है।

परिवार ने पुलिस के खुलासे पर उठाए सवाल

पुलिस की कार्रवाई के बावजूद रोहन का परिवार पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। परिजनों और उनके समर्थन में पहुंचे लोगों ने एसएसपी से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच की मांग की है।

परिवार को आशंका है कि वारदात में गिरफ्तार आरोपियों के अलावा कुछ और लोगों की भूमिका भी हो सकती है। परिजनों ने इन आशंकाओं की जांच की मांग की है; किसी अतिरिक्त व्यक्ति की भूमिका अभी स्थापित नहीं हुई है।

मंत्री और सांसद की मौजूदगी में भी हुई बातचीत

उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार की ओर से उठाए गए सवालों के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और सांसद हरेंद्र मलिक की मौजूदगी में भी पुलिस अधिकारियों से बातचीत हुई। परिवार के प्रत्येक बिंदु को गंभीरता से लेने और जांच में किसी पहलू को न छोड़ने की बात कही गई।

मंत्री अनिल कुमार ने हरेटी पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मुलाकात की और परिवार की ओर से उठाए गए सवालों की गंभीरता से जांच कराने का आश्वासन दिया।

आगे की जांच में क्या स्पष्ट होना बाकी है?

26 सितंबर 2026 तक पुलिस दो आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगियों के आधार पर मामले के खुलासे का दावा कर रही है। दूसरी ओर, परिवार अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच की मांग कर रहा है। यह आगे की जांच में स्पष्ट होना बाकी है कि गिरफ्तार आरोपियों के अलावा किसी और व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

संबंधित रिपोर्टें: गिरफ्तारी और बरामदगी पर हिन्दुस्तान की रिपोर्ट तथा परिवार के सवालों पर डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट।

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यह रिपोर्ट उपलब्ध जानकारी, पुलिस के दावों और परिवार के पक्ष पर आधारित है। आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

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