मुजफ्फरनगर, 11 अक्टूबर।
मुजफ्फरनगर में नई मंडी थाना पुलिस ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, दुष्कर्म और धर्मांतरण से जुड़े मामले में वांछित चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी आरोपी को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर को टीएस मान रजवाहे के पास संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 6 जून 2026 को नई मंडी थाना क्षेत्र की एक महिला ने अपनी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की और नाबालिग की बरामदगी के लिए टीम गठित की।
विवेचना के दौरान पुलिस ने अजरू उर्फ अजरुद्दीन पुत्र दीनू उर्फ दीन मोहम्मद, निवासी रामपुरा, थाना सुहाना सिटी, गुरुग्राम (हरियाणा) का नाम सामने आने की बात कही। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो अधिनियम, एससी/एसटी अधिनियम और धर्म परिवर्तन से संबंधित कानून की धाराएं भी बढ़ाईं।
टीएस मान रजवाहे के पास हुई मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक, 10 अक्टूबर को गश्त के दौरान सूचना मिली कि मामले में वांछित आरोपी टीएस मान रजवाहे के पास मौजूद है। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची और संदिग्ध व्यक्ति को रुकने का इशारा किया, तो वह कथित तौर पर वहां से जाने लगा।
पुलिस का कहना है कि टीम के नजदीक पहुंचने पर आरोपी ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। पुलिसकर्मियों को कोई चोट नहीं आई। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें आरोपी घायल हो गया।
तमंचा और कारतूस बरामद
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 315 बोर का एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया गया है। घायल आरोपी को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
25 हजार रुपये का था इनाम
पुलिस के मुताबिक, अजरू उर्फ अजरुद्दीन इस मामले में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुजफ्फरनगर की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
नई मंडी पुलिस की टीम ने की कार्रवाई
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी आनंद देव मिश्र के नेतृत्व में उपनिरीक्षक संदीप कुमार, दिनेश कौशिक, ओम प्रकाश, महिला उपनिरीक्षक सुमनलता सहित नई मंडी थाने के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।
महत्वपूर्ण: मामले में दर्ज आरोपों और मुठभेड़ से संबंधित विवरण पुलिस की ओर से उपलब्ध जानकारी पर आधारित हैं। आरोपी के विरुद्ध लगाए गए आरोपों का न्यायिक परीक्षण होना शेष है। दोषसिद्धि होने तक आरोपी को कानूनन निर्दोष माना जाता है।

