PG इमारत गिरने के बाद निर्माण और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल, दिल्ली में PG भवनों के स्ट्रक्चरल ऑडिट की तैयारी
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला PG इमारत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई, जिनमें पांच छात्र और दो अन्य लोग शामिल हैं। हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
हादसे के बाद मालिक और परिवार के सदस्यों पर कार्रवाई
मामले में पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया है। रिपोर्टों के मुताबिक, हरिराम और उनकी पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है, जबकि बेटे को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया।

निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
FIR में इमारत में कथित अनधिकृत निर्माण और संरचनात्मक बदलाव को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। हादसे के बाद बेसमेंट निर्माण, उसकी अनुमति और सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जा रही है। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
पांच MCD अधिकारी निलंबित
हादसे के बाद दिल्ली नगर निगम ने दक्षिण क्षेत्र के 5 अधिकारियों को निलंबित किया है। प्रशासन अब PG और छात्र आवासों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर रहा है। दिल्ली सरकार ने प्रमुख PG इलाकों में स्ट्रक्चरल ऑडिट कराने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।

सात जिंदगियां गईं, परिवारों में मातम
हादसे में जान गंवाने वालों में दिल्ली विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र भी थे। परिवारों के लिए यह हादसा अपने बच्चों के भविष्य के सपनों के बीच एक ऐसी त्रासदी बन गया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया है।
अब सबसे बड़ा सवाल
सत्य निकेतन हादसे ने दिल्ली में छात्र PG और हॉस्टल की सुरक्षा, भवन निर्माण नियमों और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरकार की ओर से अब ऐसे भवनों के स्ट्रक्चरल ऑडिट और सुरक्षा नीति पर काम किए जाने की बात सामने आई है।

